ICC Champions Trophy 2025: इंग्लैंड ने अफगानिस्तान से मैच न खेलने की जिद छोड़ी, आखिर क्या है विवाद?
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इंग्लैंड ने अफगानिस्तान के खिलाफ मैच खेलने का निर्णय लिया।
सांसदों ने राजनीतिक विरोध के तहत मैच रद्द करने की मांग की।
अफगानिस्तान महिला क्रिकेटर्स को 1,00,000 पाउंड की मदद
स्पोर्ट्स डेस्क, इंदौर- इंग्लैंड ने अफगानिस्तान के खिलाफ 26 फरवरी को लाहौर में होने वाले अपने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी ग्रुप-स्टेज मैच को खेलने का फैसला लिया है, इसके बावजूद कि महिला अधिकारों पर तालिबान सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ विभिन्न समूहों द्वारा मैच के बहिष्कार की मांग की गई थी।
इंग्लैंड का निर्णय और क्रिकेट बोर्ड का बयान
हालांकि, इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के अध्यक्ष रिचर्ड थॉम्पसन ने यह स्पष्ट किया कि इंग्लैंड सरकार, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और खिलाड़ियों से चर्चा के बाद इंग्लैंड इस मैच को खेलेगा।
अफगानिस्तान में महिलाओं की स्थिति चिंताजनक है, लेकिन क्रिकेट अकेले देश की सामाजिक-राजनीतिक समस्याओं का समाधान नहीं कर सकता।
अफगानिस्तान की महिला क्रिकेटर्स और उनकी स्थिति
2020 में अफगानिस्तान के पास 25 अनुबंधित महिला क्रिकेट खिलाड़ी थे, लेकिन तालिबान के सत्ता में आने के बाद इनमें से अधिकांश देश छोड़कर ऑस्ट्रेलिया में शरण ले चुके हैं।
हालांकि ECB ने अफगानिस्तान की निर्वासित महिला क्रिकेटर्स को हाल ही में एक नई शरणार्थी फंड से लाभान्वित किया है, जिसमें 1,00,000 पाउंड ($124,350) की मदद की गई।
भविष्य के कदम और ICC से अपेक्षाएं
थॉम्पसन ने कहा कि ECB ICC से अफगानिस्तान की महिला क्रिकेटर्स के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता की मांग करेगा। इसके साथ ही अफगानिस्तान की महिला क्रिकेट टीम को शरणार्थी टीम के रूप में मान्यता देने की भी बात कही।
उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान में महिला क्रिकेट का भविष्य बहुत ही दुखद है। दुनिया भर में जब महिला क्रिकेट तेजी से बढ़ रहा है, तब अफगानिस्तान में लड़कियों को इस अवसर से वंचित रखना बहुत दुखद है।